गायत्री मंत्र

गायत्री मंत्र ऋग्वेद (3.62.10) का एक मंत्र है। प्रचलित रूप में इसके आरंभ में ॐ और तीन व्याहृतियाँ (भूः, भुवः, स्वः) जोड़ी जाती हैं।

गायत्री मंत्र

ॐ भूर्भुवः स्वः ।तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि ।धियो यो नः प्रचोदयात् ॥

अर्थ: ॐ: परमात्मा का प्रतीक। भूः, भुवः, स्वः: पृथ्वी, अंतरिक्ष और स्वर्ग (तीनों लोक)। हम उस सविता देव (प्रकाशमय सूर्य रूपी परमात्मा) के श्रेष्ठ तेज का ध्यान करते हैं, जो हमारी बुद्धियों को सही दिशा में प्रेरित करे।

स्रोत और टिप्पणी

मंत्र वैदिक और सार्वजनिक (public domain) है। अर्थ हमारे अपने शब्दों में हैं।

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