जन्म तिथि से नामाक्षर

जन्म की तारीख और समय भरें। हम गणना करते हैं कि उस समय चंद्रमा कहाँ था, और फिर नक्षत्र, चरण, राशि और नामकरण के अक्षर बताते हैं।

भारत के लिए 5.5। केवल भारत से बाहर जन्म हो तो बदलें।

गणना कैसे होती है

चंद्रमा की स्थिति खगोलीय सूत्रों से निकाली जाती है, फिर लाहिरी अयनांश घटाकर निरयन भोगांश मिलता है, जो वैदिक ज्योतिष में प्रयुक्त होता है। राशिचक्र 27 नक्षत्रों में बँटा है (हर एक 13°20′), और हर नक्षत्र के चार चरण (3°20′) होते हैं। जिस चरण में चंद्रमा था, वही नाम का पहला अक्षर तय करता है।

हमने इस विधि को एक प्रकाशित पंचांग से मिलाया है। 3 अक्टूबर 2026 को चंद्रमा के आर्द्रा नक्षत्र में प्रवेश का समय मिनट के स्तर तक मेल खाता है।

ध्यान दें

  • जन्म-प्रमाणपत्र का सही समय भरें। एक चरण लगभग 6 से 7 घंटे का होता है, इसलिए कुछ घंटों की चूक से अक्षर बदल सकता है।
  • अक्षरों की वर्तनी अलग-अलग क्षेत्रों और पंचांगों में थोड़ी भिन्न हो सकती है। इन्हें मार्गदर्शन मानें।
  • यह एक सांस्कृतिक नामकरण परंपरा है, वैज्ञानिक भविष्यवाणी नहीं।

देखें: सभी नक्षत्र और नामाक्षर या हर राशि के अक्षर।