चित्रा नक्षत्र
27 में से नक्षत्र संख्या 14। चित्रा के स्वामी ग्रह मंगल हैं और अधिष्ठाता देवता त्वष्टा (विश्वकर्मा) हैं। इसका चिह्न: चमकता रत्न या मोती।
स्वामी ग्रहमंगल
देवतात्वष्टा (विश्वकर्मा)
चिह्नचमकता रत्न या मोती
राशिकन्या / तुला
चंद्रमा चित्रा में कब रहता है
चरण अनुसार नामाक्षर
चित्रा कन्या राशि के 23°20′ से तुला राशि के 6°40′ तक फैला है, कुल 13°20′। इसके चार चरण हैं, और जिस चरण में चंद्रमा के रहते बच्चा जन्म लेता है, परंपरा के अनुसार उसके नाम का पहला अक्षर वही होता है।
| चरण | नाम का पहला अक्षर | राशि | राशि में अंश |
|---|---|---|---|
| 1 | पे | कन्या | 23°20′ से 26°40′ |
| 2 | पो | कन्या | 26°40′ से 30°00′ |
| 3 | रा | तुला | 0°00′ से 3°20′ |
| 4 | री | तुला | 3°20′ से 6°40′ |
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चरण जन्म के सही समय पर निर्भर है। तारीख और समय से नक्षत्र व चरण जानने के लिए जन्म-कुंडली वाला उपकरण प्रयोग करें।
देवताओं के नाम और चिह्न परंपराओं और स्रोतों में थोड़े भिन्न होते हैं। जहाँ दो पाठ प्रचलित हैं, दोनों दिए गए हैं।